आशिक़ हू तेरा ज़रा पास तो आ
आशिक़ हू तेरा ज़रा पास तो आ ,
मुझे अपने दिल में बसाके मुझसे यू दूर ना जा ।
देखा है तेरे चाहने वाले बहुत है यहां ,,
मगर मुझसा आशिक़ ढूंढ के तो दिखा II
तेरे नखरे उठाना किसी के बस की बात नहीं
और,
तुझसे दिल लगाके,
किसी और से दिल लगाना
मेरी चाहत नहीं II
आशिक़ हू तेरा ज़रा पास तो आ II
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