समय का पहिया कभी रुकता नही,
परिस्थिति हो चाहे कैसी भी,
हमे है चलना समय के साथ,
रुकना नही किसी हाल में भी।
संध्या हो या फिर हो रात,
समय के साथ बीत जाएंगी सारी बात,
दिन हो या हो दोपहर,
नहीं रहेगा पहरा किसी पर।।
अनुशासन भी है एक नाम समय का,
चलते दोनों साथ - साथ,
एक सिखाता आपस मे रहना,
एक सिखाता समय के साथ चलना।
बीत जाए समय अगर,
तो नही आता है वो वापस
यादें ताजा हो जाती है,
नहीं आते है वो दिन लौटकर।।
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