जब एक- दो मुलाकातों में कोई अजनबी

 अपना सा लगने लगता है,

 तो मन में कई सारे ख्याल आने लगते है।


  किसी नए इंसान से मुलाकात करना अच्छी बात है,

  पर उसका स्वभाव कैसा, उसकी सोच कैसी है,

  उसके विचार कैसे है, कोई नही बता सकता।


  कभी किसी अजनबी पर, इतना भी भरोसा न करना,

  की तुम्हे कल पछताना पड़े।


  मुलाकातें अच्छी बात है,

  जब तक सामने वाले का दिल साफ है। 


  कुछ मुलाकातों से विश्वास भी कायम होता है,

  और कुछ मुलाकातों से -

  फिर मिलने की इच्छा भी बढ़ती है,

  पर आपको हमेशा सचेत रहना है,

  आपको हमेशा अपने आप पर कंट्रोल रखना है।।


 क्योंकि ये ज़माना अपनो का नही, सपनो का है।।।