गमों को भुलाकर थोड़ा मुस्कुराना सीख गए,
अपने दुखों को भूलकर-
दूसरों की खुशियो में शामिल हो गए,
की खुशियां ढूंड सकते है अपने आप के लिए भी,
पर यारों की यारी में अपने आप को ही भूल गए।
गमों को भुलाकर थोड़ा मुस्कुराना सीख गए,
अपने दुखों को भूलकर-
दूसरों की खुशियो में शामिल हो गए,
की खुशियां ढूंड सकते है अपने आप के लिए भी,
पर यारों की यारी में अपने आप को ही भूल गए।
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