के मन है मेरा तितली सा,

 खुले आसमानों में उड़ना चाहता है,

 अपने पंखों को फैलाकर,

 ऊंचाइयों को छूना चाहता है,

 जो देखें है सपने मैंने 

 उन्हें पूरा करना चाहता है।


 के मुश्किलें तो बहुत है लेकिन,

 सपने मेरे ज़रूर होंगे पूरे एक दिन,

 की अगर मन में हो ज़ुनून,

 तो हर हद हो जाती है पार

 और ठाना हो ज़िद्दी मन ने -

 तो कभी मानता नहीं ये हार,

 और हर मुश्किलें हो जाती है आसान,

 सपने हो जाते है सारे साकार।।